Cheetah Project क्यों फेल हो गया ? चार महीना में 8 चीतों की मौत

1947 से ही भारत से गायब होइ चीता तब से ही योजना बनाना शुरू हो गई की भारत में किओ दूसरे देश से चीता लाया जायेगा और बहुत प्रोजेक्ट बना लेकिन काम नहीं हुआ उसपे क्यूंकि चीता को रखने के लिए उसके अनुकूल कोई पार्क नहीं मिल रहा था फिर 2022 में यानि 75 साल बाद चीता को बसने का काम सुरु हुआ और 17 सितम्बर  2022 को नरेंद मोदी ने अपने जन्म दिन पर नामिया देश से बिमान से लाया गया चीता और उसके उपयुक्त जगह पर रख गया जिसका नाम है कउनो नेशनल पार्क (kuno national  park ) जो  श्योपुरा जिले में परता है

लेकिन 4 महीने बाद ही कुल 8 चीता की मौत हो गई जिनमे 5 बड़े थे 3 उनके बचे थे बहुत सरे आक्सफोर्ट का मानना है की जो जीतः लाया गया था उसके गर्दन पे बेल्ट लगाया गया था उसके करना मर गया है तो वंही बहुत सरे एक्सफोर्ट का मानना कुछ और है लकिन भी कारन हो जब से चीता मर रहा है तब से ही भारत में बहुत सरे सवाल उठ रहा है

इस पोस्ट में हम फुल डिटेल्स में जानने वाले है की एक्सफोर्ट का क्या कहना है लेकिन उसके पहले कुछ और बाते जान लेते है – भारत में चीता की कोई कमी थे पहले लेकिन भारत में आजादी से पहले ही राजा के द्वारा चीता को मरना का एक खेल चल रहा था जो राजा अपने शाशन कल में चीता मरता था उसका नाम चलता था

और उस राजा का दबदबा रहता था की फरना राजा चीता मारा है ऐसे ही ये खेल लम्बी चलती रही फिर हमारा देश आजाद हुआ 1947 को फिर गोवेर्मेंट का ध्यान गया की हमारे भारत में चीता अब काम ही बच गया है तब से प्रोजेक्ट बनाना सुरु होगया की दूसरे कंट्री से चीता लाना है भारत में बहुत सारा प्रोजेक्ट बना पर फेल हो गया कारन था फलहोने का एक तो जगह नहीं था उसके अनुकूल की वो रह सके

दूसरा किस नस्ल का लाया जाया नस्ल मिलने पर भी दूसरे देश का एक्सफस्र्ट माना कर दिया चीता देने के लिए की भारत में चीता को रहने का जगह नहीं है एरिया छोटा था इसलिए फिर आया 2022 और मोदी की कार्यकाल था तो मोदी ने अपने जन्म दिन पर 2 चरणों में दो देश से चीता को लाया गया एक नामीबिया और दूसरा दक्षिण अफ्रीका से और total 12 चीता को कउनो नेशनल पार्क में रखा गया और सभी चीता के गर्दन पे एक बेल्ट लगाया गया जिसका काम था लोकेशन ट्रैक करने के लिए ।

27 मार्च 2023 को नामीबिया से जो  चीता लाइ गई चीता जो 5 साल की मादा चीता शाशा की मौत हो गई जिसका कारन बताया गया किडनी सक्रमण लेकिन लेकिन जिद दिन साशा की मौत हुई उसी दिन एक ख़ुशख़बरी भी आयी 27 मार्च 2023 को लाया गया नामीबिया से चीता ज्वाला ने 4 बचे को जन्म दिया ।

साशा की मौत के 1 महीने बाद ही दक्षिण अफ्रीका से लाया हुआ 6 साल की चीता उदय ने 23 अप्रैल को मौत हो गई  फिर 9 मई को मादा चीता दशा को मौत हो गई  इस चीता का जो मौत हुआ जिसका कारन बताया की सेक्स के दौरान हमारा जिससे मौत फिर मौत का सिलसिला चलते रहा 

दक्षिण अफ्रीका से लाया हुआ चीता तेजश की मौत 11 जुलाई को सामने आया । 2 दिन बाद दक्षिण अफ्रीका से लाया हुआ सूरज ने डैम डोर दिया और ऐसी ही अब तक 8 चीता की मौत हो गई है अब 15 चीता बच गया है कउनु नेशनल पार्क में

 

Cheetah Project क्यों फेल हो गया ? चार महीना में 8 चीतों की मौत

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